www क्या है , www की खोज किसने की ,www का इतिहास, full detail
www का पुरा नाम - World Wide Web है।
www internet पर सभी वैबसाइट और वैबपेज का संग्रह है। यह युजर को
web browser के माध्यम से जानकारी प्राप्त करता है।
आप मान सकते है कि internet सड़के है और www दुकानें।
जैसे आप किसी सामान को लाने के लिए सड़क का प्रयोग करते हैं,
उसी प्रकार जानकारी पाने के लिए internet का प्रयोग करते हैं।
जिस प्रकार सामान दुकान पर मिलता है, उसी प्रकार वैबसाइट भी www पर ही मिलती है।
और जैसे दुकानदार आपको सामान देता है उसी प्रकार www आपको वैबसाइट देता है।
www ki khoj kisne ki
www कि खोज सर टिम बर्नर्स-ली के द्वारा सन् 1989 मे कि गयी थी। सर टिम बर्नर्स-ली एक ब्रिटिश वैज्ञानिक थे। सर टिम बर्नर्स-ली के द्वारा बानाऐ गये www का उदेश्य था कि जनता के पास जानकारी आसानी से पहुच सके और यह www के द्वारा सम्भव भी हो गया और आज www का उपयोग कर जानकारी अच्छे से प्राप्त कर लते है।
www kaise kam karta hai
www तीन मुख्य तकनीकों पर कार्य करता है
(1) HTML (HyperText Markup Language) - यह वैबपेज बनाने कि भाषा है और वैबपेज से हि वैबसाइट बनती है
(2) HTTP (HyperText Transfer Protocol) - यह जो वैबसाइट यजुर को चाहिए उसे server से लाकर browser पर दिखाता है
(3) URL (Uniform Resource Locator) - यह वैबसाइट का पता होता है आप जो भी वैबसाइट चाहिए वह आप को इस पते के द्वारा मिल जाऐगी
जैसे www.facbook.com हो गया यह website का address है, आप को इस के माध्यम से facebook.com मिल जाऐगी
ये जो तीनो कार्य हो रहे है ये www से हि हो रहे है। ये सभी कार्य www के अनंदर हि आते है। आप को browser पर जितनी भी जानकारी मिलती है यह सब www कि मदद से हि access कर पाते है
www ka itihas
सन् 1989 मे सर टिम बर्नर्स-ली को एक विचार आया और इस पर उन्होने कार्य शुरु किया और टिम बर्नर्स-ली ने बताया कि कैसे एक डॉक्यूमेंट को लिंक करके पूरी दुनिया में साझा किया जा सकता है इसे hyper text कहा गया
इस के बाद तीन मुख्य तकनीकें बनाई गयी
- HTML (HyperText Markup Language)
- URL (Uniform Resource Locator)
- HTTP (HyperText Transfer Protocol)
सन् 1990 दुनिया का पहला वेब ब्राउज़र WorldWideWeb Browser बनाया गया बाद मे इस का नाम बदलकर Nexus कर दिया गया
सन् 1991 मे दुनिया कि पहली वैबसाइट बनाई गयी और इस के बाद www बहुत तेजी से फैलने लगा
WWW की विशेषताएँ
- www के आने के बाद वैबपेज आप मे जुडने लगे जिस से अधिक जानकारी पाना आसान हो गया
- पुरी दुनिया कि जानकारी एक जगह पर मिलने लगी जिसे कही से भी access किया जा सकता था
- www कि वजह से internet पर फोटो विडिया आदि आने लगे
- वैबसाइट का युनिक पता आने लगा
- 24 घंटे डेटा मौजुद रहने लगा
निष्कर्ष
अब आप जान गये होगे कि www क्या है इस का पुरा नाम क्या इस का इतिहास क्या है और www कैसे काम करता है अगर आप को अभी भी इस टोपिक मे कोई सम्साया आ रही है तो आप हमे codinghindi4@gmail.com पर mail कर सकते है